आने वाले समय में कम होगा सरकार का सामान्य कर्ज-GDP India

आने वाले समय में कम होगा सरकार का सामान्य कर्ज-GDP India

India: केंद्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के देश का कर्ज-GDP अनुपात 100 प्रतिशत तक पहुंचने संबंधी आकलन को पूरी तरह से गलत बताया है। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि IMF का यह आकलन सबसे खराब स्थिति पर आधारित है। मंत्रालय ने उम्मीद जताई है कि मध्यम से लंबी अवधि में सामान्य सरकारी कर्ज में काफी गिरावट आएगी।

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Fastnewstoday हाल ही में IMF ने अपने वार्षिक अनुच्छेद-चार परामर्श में कहा था कि प्रतिकूल परिस्थितियों में India का सामान्य सरकारी कर्ज वित्त वर्ष 2027-28 तक सकल घरेलू उत्पाद GDP का 100 प्रतिशत हो सकता है।

आने वाले समय में कम होगा सरकार का सामान्य कर्ज-GDP India
आने वाले समय में कम होगा सरकार का सामान्य कर्ज-GDP India

वित्त मंत्रालय ने IMF के कर्ज-GDP अनुपात संबंधी आकलन को गलत बताया कहा- सबसे खराब स्थिति की संभावनाओं पर आधारित है IMF का यह आकलन

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Fastnewstoday वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘IMF की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि India का कर्ज-GDP अनुपात अनुकूल परिस्थितियों में इसी अवधि में घटकर 70 प्रतिशत से नीचे आ सकता है जो वित्त वर्ष 2022-23 में 81 प्रतिशत था। मध्यम अवधि में सामान्य सरकारी कर्ज जीडीपी के 100 प्रतिशत से अधिक होने संबंधी व्याख्या पूरी तरह से गलत है।’ सामान्य सरकारी कर्ज में केंद्र और राज्य सरकारों का ऋण शामिल है।

आने वाले समय में कम होगा सरकार का सामान्य कर्ज-GDP India
आने वाले समय में कम होगा सरकार का सामान्य कर्ज-GDP India

मंत्रालय का कहना है कि India के सामान्य सरकारी कर्ज में गिरावट आ रही है। वित्त वर्ष 2020-21 में सामान्य सरकारी कर्ज GDP का 88 प्रतिशत था, जो वित्त वर्ष 2022- 23 में घटकर 81 प्रतिशत हो गया है। केंद्र अपने राजकोषीय घाटे को कम करने के लक्ष्य वित्त वर्ष 2025-26 तक GDP के 4.5 प्रतिशत से नीचे लाने को प्राप्त करने की राह पर है।

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