Bank और कारपोरेट सेक्टर के बीच कारोबारी रिश्तों को लेकर कुछ कदम उठाने के संकेत-RBI

Bank और कारपोरेट सेक्टर के बीच कारोबारी रिश्तों को लेकर कुछ कदम उठाने के संकेत-RBI

INDIA बड़े कारपोरेट घरानों को Bank लाइसेंस देने का मामला भले ही आरबीआइ ने ठंडे बस्ते में डाल दिया हो लेकिन इसे लंबे समय तक टाला नहीं जा सकता है। RBI ने हाल ही में जिस तरह से बैंकों और कारपोरेट सेक्टर के बीच कारोबारी रिश्तों को लेकर कुछ कदम उठाने के संकेत दिए हैं, उसे भविष्य की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।

महामना पर वांग्मय का विमोचन करेंगे Modi-India

Fastnewstoday पिछले दिनों ही RBI ने कंपनियों की तरफ से गठित वैकल्पिक निवेश फंड (एआइएफ) में Bank व गैर बैंकिंग कंपनियों (एनबीएफसी) के निवेश को लेकर बेहद सख्त रवैया अख्तियार करते हुए रोक लगा दी है। अब RBI जल्द ही कनेक्टेड लैंडिंग (ऐसे व्यक्ति को कर्ज देना जो बैंकिंग कंपनी के फैसले को प्रभावित करता हो) पर एक विस्तृत नियम लाने का एलान किया है।

Bank और कारपोरेट सेक्टर के बीच कारोबारी रिश्तों को लेकर कुछ कदम उठाने के संकेत-RBI
Bank और कारपोरेट सेक्टर के बीच कारोबारी रिश्तों को लेकर कुछ कदम उठाने के संकेत-RBI

पहले चरण में इस नियम का ड्राफ्ट जारी किया जाएगा। सार्वजनिक परामर्श के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा। कनेक्टेड लैंडिंग को लेकर ये नियम भविष्य में Bank और उनकी तरफ से दिए जाने वाले कर्ज की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने का काम करेगा। इसे RBI की तरफ से बड़े कारपोरेट घरानों को Bank लाइसेंस देने या उन्हें सरकारी Bank की खरीद की छूट देने से पहले की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।

Police कर्मचारी के तरह अब SPO भी कर सकेंगे मुफ्त यात्रा-Haryana

नवंबर, 2020 में RBI की तरफ से गठित एक आंतरिक समिति ने देश के बड़े कारपोरेट घरानों को Bank सेक्टर में उतरने की अनुमति देने की सिफारिश की थी। इसके दो ही महीने बाद आम बजट 2021-22 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दो सरकारी Bank के निजीकरण की घोषणा की थी।

Fastnewstoday हालांकि अभी तक न तो RBI ने अपनी आंतरिक समिति की रिपोर्ट को स्वीकार किया और न ही बजटीय घोषणा को अमल में लाया जा सका।

Bank और कारपोरेट सेक्टर के बीच कारोबारी रिश्तों को लेकर कुछ कदम उठाने के संकेत-RBI
Bank और कारपोरेट सेक्टर के बीच कारोबारी रिश्तों को लेकर कुछ कदम उठाने के संकेत-RBI

• RBI तैयार कर रहा है विस्तृत नियम, पहले जारी किया जाएगा ड्राफ्ट सर्कुलर
• कारपोरेट निवेश फंड में बैंकों की निवेश योजना पर लगाया जा चुका है अंकुश

Fastnewstoday मौजूदा नियमों को बनाया जाएगा और सख्त बैंकिंग उद्योग के सूत्रों का कहना है कि मौजूदा सरकार Bank निजीकरण पर आगे बढ़ना चाहती है, लेकिन बैकों व कंपनियों के बीच के संबंधों को लेकर नियम- कानूनों को पूरी तरह से पुख्ता बनाने के बाद ही ऐसा किया जाएगा। पिछले कुछ वर्षों के दौरान पीएनबी-नीरव मोदी, पीएमसी Bank-एचडीआइएल, यस Bank-डीएचएफएल, आइसीआइसीआइ बैंकवीडियोकोन जैसे कई मामले सामने आ चुके हैं।

यह तब हुआ है जब कनेक्टेड लैंडिंग को लेकर अभी भी नियम हैं। ऐसे में पहले मौजूदा नियमों को सख्त बनाने और इसको सही तरीके से लागू करने की व्यवस्था को पुख्ता बनाने की है। यह काम RBI नए नियमों से कर देगा।

ये भी पढ़े…. दिनभर बेहतर तरीके से कार्य करने के लिए भरपूर नींद आवश्यक-India

अध्ययनकर्ताओं ने इसके लिए 50 वर्षों के आंकड़ों का विश्लेषण किया। शोध में University of Houston के शोधकर्ता भी शामिल थे। उन्होंने पाया कि सोने के समय में थोड़ा सा भी बदलाव चिंता जैसे लक्षणों को बढ़ा देता है। इससे प्रतिभागियों के हर्ट रेट पर भी असर दिखा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »