स्मार्टफोन, साइकिल के पुर्जे, दवाएं, आदि की कीमत हो सकती है कम -India Business

Business और निवेश को बढ़वा देने के लिए India और यूरोपीय देशों ने व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता (टीईपीए) पर हस्ताक्षर किए। एक अधिकारी ने कहा* विभिन्न देशों के बीच इन समझौतों को लागू करने की प्रक्रिया में एक साल तक का समय लगेगा। हम स्विस घड़ियों और चॉकलेट पर शुल्क रियायत दे रहे हैं।

जीटीआरआई के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा, India की जल्द ही कम कीमतों पर उच्च गुणवत्ता वाले स्विस उत्पादों तक पहुंच होगी* देश ने 7-10 वर्षों में कई स्विस सामानों पर शुल्क हटाने का फैसला किया है।

नेस्ले भी एक स्विस ब्रांड है। यह भारतीय एमएमसीजी उद्योग में एक प्रमुख खिलाड़ी है और भारत में चॉकलेट बनाती है। यह भारतीय एमएमसीजी खंड में तीसरी सबसे बड़ी सूचीबद्ध इकाई है* आर्थिक थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएिव (जीटीआरआई) भारत ने समझौते के तहत स्विट्जरलैंड से आयातित कई उत्पादों को शुल्क रियायत की अनुमति दी है।

समझौता लागू होने के बाद पांच साल में कटे एवं पॉलिश हीरों पर शुल्क पांच फीसदी से घटकर 2.5 फीसदी रह जाएगा। हालांकि, भारत ने सोने पर कोई शुल्क रियायत नहीं दी है* दस्तावेज पर इसने 40 फीसदी की निर्धारित दर पर एक फीसदी की रियायत की पेशकश की है, लेकिन प्रभावी शुल्क 15 फीसदी पर बना हुआ है।

जीटीआरआई के मुताबिक, शराब पर शुल्क में छूट ऑस्ट्रेलिया को दी गई रियायत के समान है। हालांकि, पांच डॉलर से कम कीमत वाली शराब पर कोई रियायत नहीं है। पांच से 15 डॉलर के बीच कीमत वाली शराब पर पहले साल में शुल्क 150 फीसदी से घटकर 100 फीसदी रह जाएगी* फिर, 10 वर्षों में धीरे-धीरे यह घटकर 50 फीसदी रह जाएगी। (जीटीआरआई) ने कहा, Business एवं आर्थिक साझेदारी समझौते के तहत भारत ने सात से 10 वर्षों में कई स्विस उत्पादों पर से शुल्क हटाने का फैसला किया है* इससे भारतीय ग्राहकों को कम कीमतों पर उच्च गुणवत्ता वाले स्विस उत्पाद मिल सकेंगे। जीटीआरआई के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा, ट्यूना व सैल्मन जैसे समुद्री भोजन, कॉफी कैप्सूल, कॉड लिवर व जैतून तेल, स्मार्टफोन, साइकिल के पुर्जे, चिकित्सा उपकरण, दवाएं, डाई और मशीनरी उपकरण भी भारत में सस्ते हो सकते हैं।

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