क्या है Hit and Run Law-Today

क्या है Hit and Run Law-Today

What is Hit and Run Law

Top News: जिस नियम को लेकर देशभर में बवाल मचा हुआ है वह हाल ही में संसद से पारित तीन नए कानून का हिस्सा है। दरअसल, आईपीसी की जगह लेने वाली भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 104 में Hit and Run का जिक्र किया गया है।

 

Fast News Today भारत में Hit and Run के मामले भारतीय दंड संहिता के तहत विशेष रूप से दंडनीय नहीं हैं। हालांकि, जब हिट एंड रन मामले का सवाल उठता है तो धारा 279, 304ए और 338 सामने आती हैं। आईपीसी की धारा 304ए में लापरवाही से मौत के लिए सजा का प्रावधान है। यह आईपीसी के तहत एक विशेष प्रावधान है और यह धारा सीधे Hit and Run मामलों पर लागू होती है

जिसके चलते पीड़ितों की मृत्यु हो जाती है। इसमें कहा गया है कि जो कोई भी लापरवाही से किए गए किसी ऐसे कार्य से किसी व्यक्ति की मृत्यु का कारण बनता है जो गैर इरादतन हत्या की श्रेणी में नहीं आता है, तो उसे दो साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों से दंडित किया जाएगा।

क्या है Hit and Run Law-Today
क्या है Hit and Run Law-Today

धारा 338 उस स्थिति में सजा का प्रावधान करती है जब पीड़ित की मृत्यु नहीं हुई हो लेकिन वह गंभीर रूप से घायल हो। इसमें कहा गया है कि जो कोई भी जल्दबाजी या लापरवाही से काम करके किसी व्यक्ति को गंभीर चोट पहुंचाएगा, उसे 2 साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों से दंडित किया जाएगा।

 

Fast News Today धारा 279 लापरवाह ड्राइविंग की परिभाषा और सजा का प्रावधान करती है। इसमें कहा गया है कि जो कोई भी किसी भी सार्वजनिक स्थान पर इतनी तेजी से या लापरवाही से वाहन चलाता है कि इससे मानव जीवन को खतरा होता है, या किसी अन्य व्यक्ति को चोट या चोट लगने की आशंका होती है, तो उसे कारावास से दंडित किया जाएगा, जिसे छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है या जुर्माना लगाया जा सकता है या एक हजार रुपए या दोनों तक बढ़ाया जा सकता है।

क्या है Hit and Run Law-Today
क्या है Hit and Run Law-Today

Hit and Run के मामले सड़क दुर्घटना से जुड़े होते हैं। Hit and Run का मतलब है तेज और लापरवाही से गाड़ी चलाने के चलते किसी व्यक्ति या संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और फिर भाग जाना। ऐसे में सबूतों और प्रत्यक्षदर्शियों के अभाव के कारण दोषियों को पकड़ना और सजा देना बहुत मुश्किल हो जाता है।

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