मूड के 5 पैरामीटर्स के सहारे सिंगल्स और Relationship लोगों के बीच फर्क

एक नई रिसर्च की मानें को इंसान का व्यक्तित्व काफी हद तक उसके रिश्तों से तय होता है* यानी कोई सिंगल है या रिश्ते में इस बात से उसका व्यवहार और बाकी चीजें निर्धारित हो सकती हैं।

किसी का सिंगल या Relationship में होना उसके व्यक्तित्व पर किस तरह असर करता है*इसको लेकर एक नई रिसर्च हुई है। जो बताती है कि मूड के 5 पैरामीटर्स के सहारे सिंगल्स और Relationship लोगों के बीच फर्क किया जा सकता है।

कोई शख्स कैसा व्यवहार करेगा, किस तरह बोलेगा, खाएगा, सोचेगा या उठेगा-बैठेगा, यह उसका व्यक्तित्व तय करता है। लेकिन आदमी का व्यक्तित्व कैसे तय होता है* Psychcentral’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक किसी भी इंसान के स्वभाव के 5 लक्षण होते हैं। जिसके आधार पर उसका व्यक्तित्व बनता है। कोई इंसान कैसा होगा, यह इन्हीं 5 पैरामीटर्स पर निर्भर करता है।

मूड के ये ‘बिग-5 पैरामीटर्स’ हैं- बहिर्मुखता, सहमति, कर्त्तव्यनिष्ठा, मनोविक्षुब्धता और अनुभव के लिए खुलापन ‘पर्सनैलिटी एंड सोशल साइकोलॉजी बुलेटिन’ में पब्लिश एक रिपोर्ट बताती है* कि इंसान का रिश्ता इन पांचों पैरामीटर्स को काफी प्रभावित करता है। नतीजतन इंसान का स्वभाव भी रिश्ते के मुताबिक ढलता जाता है।

इस रिसर्च के लिए कनाडा की टोरोन्टो यूनिवर्सिटी ने 2000 लोगों को चुना। 20 से 59 साल के इन लोगों को दो हिस्सों में बांटा गया। पहले हिस्से में वे लोग थे, जो कम से कम 6 महीने से किसी रिश्ते में थे* जबकि दूसरे ग्रुप में 1000 सिंगल्स थे। जो किसी भी रिश्ते में नहीं थे। रिसर्चर्स ने 6 महीने तक दोनों समूहों के लोगों की निगरानी की और ऊपर बताए गए 5 पैरामीटर्स पर उनकी जिंदगी को परखा।

नतीजे में पाया गया कि सिंगल्स में तनाव, डिप्रेशन और एंग्जाइटी की दर जोड़ीदार लोगों की अपेक्षा ज्यादा देखी गई* साथ ही ऐसे लोगों में लाइफ और सेक्स सेटिस्फेक्शन भी कम था।

दूसरी ओर, Relationship में रहने वाले लोगों के बीच लाइफ सेटिस्फेक्शन ज्यादा है* साथ ही ऐसे लोगों में जीवन के उतार-चढ़ाव से लड़ने की क्षमता भी अधिक पाई गई।

रिसर्च के मुताबिक रिश्ते की अलग-अलग स्थिति इंसानी स्वभाव और वेलबीइंग को अलग-अलग तरीके से प्रभावित कर सकती है-

जानबूझ कर सिंगल रहने वाले- अपनी खुशी से सिंगल रहने वाले लोगों की वेलबीइंग अच्छे जोड़ों से थोड़ी कम देखी गई* हालांकि टॉक्सिक रिश्ते वाले पार्टनर्स के मुकाबले ये बेहतर स्थिति में होते हैं।

सिंगल- न चाहते हुए भी सिंगल रह रहे युवा मन ही मन परेशान होते हैं* उनकी वेलबीइंग भी बाकी लोगों के मुकाबले कम होती है। बावजूद इसके ऐसे लोग टॉक्सिकRelationship वालों के मुकाबले खुश रहते हैं।

पार्टनर के साथ रहने वाले लवर्स- इनकी वेलबीइंग सिंगल्स से बेहतर होती है* लेकिन ऐसा सिर्फ उसी स्थिति में होता है, जब साथी सपोर्टिंग हो और रिश्ता गहरा-लंबा हो।

Relationship और समझ गहरी, ये फायदे-

  1. दिल नहीं होगा बीमार
  2. दर्द से राहत
  3. अच्छी नींद
  4. चोट या घाव से जल्दी उबरते हैं
  5. बेहतर मेंटल हेल्थ
  6. क्लियर करियर गोल
  7. मजबूत इम्यूनिटी

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